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लम्हेइंतज़ारके
लम्हेइंतज़ारके
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© Tushar Rastogi

Romance

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ऐमेरेचंदा - शुभ-रात्री, आजरातमेरेलिएकोईप्रेमभरागीतगाओ।कालीसियाहरातकापर्दागिरचुकाहैऔरतुम्हारीशीतलसफ़ेदचांदनीकोमलरुईकीतरहचारोंतरफबरसनेलगीहै।क्यामैंझूठबोलरहाहूँ? दिलकीखिड़कीखुलीहैऔरबाहरदरवाज़ेबंदहोगएहैं।दुनियामेरेइर्द-गिर्दमंडरारहीहैऔरमैंहूँजोरत्तीभरभीहिलनहींरहाहै।मैंअपनीसोचऔरविचारोंकेसाथस्थिरहूँ।मैंउसशिखरपरहूँजहाँसेदेखनेपरसबकुछबदलजाताहै।मेरीहरसांसकेसाथमेरेअरमानोपरपिघलतीबर्फ़केबहतेहुएहिमस्खलनजैसाडरलगनेलगताहै।तुमकितनीदूरहोमुझसे।मैंतुम्हेवास्तविकतामेंमहसूसतोनहींकरसकता, परसितारोंकीरौशनीकोदेखसकताहूँ।नींदमेरेसेकोसोंदूरउनबंदअलमारियोंकेपीछेजाकरछिपगईहै।मैंतुम्हेइसचाँदकीसूरतमेंदेखरहाहूँ, इसकीबरसतीशफ्फाक़चांदनीमेंतुम्हेअपनीबाहोंकेआग़ोशमेंमहसूसकरसकताहूँ, हीरोंसेचमकतेसितारोंकीजगमगाहटमेंतुम्हारीमुस्कानकीझलकपारहाहूँ।मैंतोतुम्हारेइश्क़कीमूर्तीहूँऔरमेरादिलइसकीमिटटीकोधीरे-धीरेतोड़करमेरीहथेलियोंमेंभररहाहै।मैंनिडरहूँ, फिरभीएकअनजानाडरमुझेतराशताजारहाहै।

 

मैंअधरमेंहूँऔरजागतेहुएभीसोयामहसूसकररहाहूँ, मेरेपैरठंडेफ़र्शकोछूरहेहैंऔरमैंइसअनिद्रावालीनींदमेंचलतेहुएअपनेघरकाखाखाख़ोजरहाहूँ।मैंग्रेनाइटसेबनीमेज़छूरहाहूँऔरचमड़ेसेबनेसोफ़ेपरअपनीउँगलियोंमेंपसीजतेपसीनेकेनिशाँबनाकरछोड़तारहारहाहूँ।मैंदरवाज़ेतकपहुंचउसेसरकाकरबाहरलॉनमेंओससेगीलीनर्मघासपरखड़ाअपनीआत्माकोतुमसेजोड़नेकाप्रयासकररहाहूँ।तुमयहाँभीनहींहोपरतुमयहाँकेकण-कणमेंव्याप्तहो।समस्तप्रांगणतुम्हारेप्रेमसेदमकरहाहै।मैंदिक्सूचकबनगयाहूँपरअपनीउत्तरदिशानहींढूँढपारहाहूँ।मेरातीरलगातारघूमरहाहैऔरमुझेनींदकेझोंकेआनेलगेहैं।मैंआसमांकीतरफदेखताहूँतोमेरीआँखेंधुंधलीहुईजातीहैं, मैंलालायितहूँ, मैंतरसरहाहूँ, मैंअपनीपसलियोंकोअपनीहथेलियोंसेथामेखड़ाहूँऔरअपनेदिलकीधडकनोंकोसीनेसेबहारनिकलपड़नेकेलिएसंघर्षकरते, दबावबनातेमहसूसकररहाहूँ।मैंनिडरहूँ, फिरभीमेरीहरसांसकेसाथएकअनकहाडरसांसलेरहाहै।

 

दुनियामौनहै।मैंपुरानेबरगदपर, जिससेतुम्हेबेहदलगावहै, परपड़ेझूलेपरऔंधालेटगयाहूँ।तुम्हारेहोनेकेएहसासकोअपनातकियाबनातुम्हारेसीनेपरसररखकरमैंआरामसेलेटाहूँ।परयहएहसासमेरीमौजूदगीकोनकाररहाहै।मेरेसपनेमेरीहक़ीक़तकोनज़रअंदाज़कररहेहै।परमैंनेहारनहींमानीहैमैंकोशिशकररहाहूँ।मैंतुम्हारेअक्सकोइनबाहोंमेंभरताहूँपरमुझेतुम्हारीअनुपस्थितिकेअतिरिक्तऔरकुछनहींमिलता।मेराह्रदयमेंआजभीतुम्हारेसाथकीस्मृतियाँताज़ाहैं।मैंतुम्हारीपरछाईकोइनबेजुबांचीज़ोंमेंछूनेकीकोशशिकररहाहूँऔरअपनेहाथोंकेस्पर्शसेउनअलसाईस्मृतियोंकोमिटाताजारहाहूँ।मैंआगेबढ़एकदफ़ाफिरतुम्हेखोजनेकीकोशिशकररहाहूँ।तुममुझेचिढ़ातीहोऔरमेरीआँखेंनमहोजातीहैं।तुमख़ुशीसेखिलखिलाकर, प्रफुल्लितहोउठतीहोऔरमैंतुम्हारेप्रेमकेगुरुत्वाकर्षणमेंबंधाचलाजाताहूँ।मैंअपनेहाथऊपरउठाखड़ाहूँऔरऐसामहसूसकररहाहूँजैसेइश्क़कीहवामेंतैररहाहूँऔरअरमानोकेआसमांमेंतुम्हारीमदहोशीकेबादलोंमेंगोतेलगताआगेबढ़रहाहूँऔरजल्दहीतुम्हारेकरीब, बहुतकरीबपहुँचजाऊंगा।मैंइनबादलोंसेऊपर, इनवादियोंसेपरे, चाँदसितारोंकेबीचकहींकिसीख़ूबसूरतगुलिस्तांमेंतुम्हारेसाथबैठबातेंकरूँगा।यहीसोचमैंख़ुशीसेझूमजाताहूँ।मैंअपनेवादेसेबेहदप्रफुल्लितहूँ।तुमगर्मसांसेंछोड़रहीहो, गहरीसांसेंभरनिःश्वासहोरहीहोऔरतुम्हाराआकर्षणफिरसेमुझेतुमसेजोड़रहाहै।आशा, उम्मीद, विश्वासमेरीनसोंमेंखूनबनकरदौड़रहाहैऔरमेरीदेहकीमिटटीकोसींचरहाहै।मैंएकदफ़ाफिरसेइंतज़ारमेंबैठाहूँतकियोंकोअपनेआस-पासजमाकियेहुए।अकेलाबिलकुलअकेला, ख़ामोशीकोपढ़ताऔरतुम्हारेप्रतिबिम्बसेबातेंकरता।मेंअकेलाहूँसचमुचअकेला।

 

ऐमेरेचंद्रमा - शुभरात्रि।

आजरातमेरेलिएकोईअनोखागीतगाओ।

सुबहकेउजालेतकमुझेअकेलाइंतज़ारकेलम्होंमेंतड़पतामतछोड़देना।

 

 

#तुषार राज रस्तोगी #लम्हे इंतज़ार के #कहानी

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