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चाहत कीअधूरी चाहत
चाहत कीअधूरी चाहत
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© Saumya Jyotsna

Romance Tragedy

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चाहत नाम था उसका,जैसा कि उसके नाम से उसके व्यक्तित्व कि पहचान हो रही थी। वो सबकी 'चाहत' थी। हर कोई उसके पीछे दीवाना था। पर चाहत के मन में कोई और बात थी।

चाहत ने अबतक कई लड़कों को छलाथा। हर किसी से वो प्यार का दिखावा करती और कुछ दिनों के बाद उसे छोड़ देती। उसे न जाने कितने लडकों का दिल तोड़ा था और न जाने कितने लडकों की हाय उसे लगी होगी।

"कि जब तुम्हारा दिल टूटेगा तब तुम्हे पता चलेगा दिल टूटने का दर्द क्या होता हैं।" चाहत हमेशा ऐसी बातें सुनती थी और अब उसे इससे कोई फर्क नही पड़ता था।

एक दिन चाहत कि नज़र जब खिड़की से बाहर देखा तब उसे कोई दिखा

"अरे लगता है नया आया है,अब इसकी बारी और इसके साथ ही मेरी सिल्वर जुबली भी पूरी हो जाएगी"

ये चाहत ने सोचा क्योंकि ये 25वां लड़का था

कुछ दिन बीते और चाहत ने अपनी पकड़ उस लड़के पर पूरी तरह बना लीहै। पर ये क्या इस बार तो अलग बात है। चाहत को कुछ अलग महसूस हो रहा है। ये एहसास तो हर बार से अलग है। पर चाहत इस एहसास को खत्म करना चाहती है क्योंकि उसके जीवन में प्यार की कोई जगह नहीं है।

बात लगभग दस साल पुरानी है, जब उसके माँ पापा के बीच बहुत लड़ाई हुई थी। उसके पापा उसके माँ को छोड़ना चाहते थे क्योंकि उन्हें अब प्यार नज़र नहीं आ रहा था। भला प्यार भी नज़र आने की चीज है, वो तो महसूस करने की चीज है,कुछ साल पहले तो सब अच्छा था अब क्या हो गया,

उसकी माँ कहती रही,"नहीं ऐसा मत करो हमारी बेटी का क्या होगा? पर .... पापा नहीं माने। उसके माँ पापा का रिश्ता टूट गया। तब से चाहत को प्यार से नफ़रत हो थी।

पर यहाँ रोहित(वही लड़का) के सामने वह हार रही थी क्योंकि चाहत भी अब किसी को चाहने लगी थी। उसके सारे मनसूबे अब जवाब दे रहे थे। वह रोहित के साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहती थी पर रोहित क्या सोचता था ..?

कुछ दिनों के बाद जब मानसून की पहली बारिश हुई और वे दोनों जब साथ ही आ रहे थे| एक ही छतरी के नीचे तब चाहत ने रोहित से कहा

,"मुझे तुमसे प्यार हो गया है,मैं अपनी जिंदगी और आज़ादी तुम्हारे साथ बाँटना चाहती हूँ क्या तुम तैयार हो| रोहित ने चाहत के आँखों में देखा और पलभर रुक कर कहा "मैं अपनी जिंदगी और आज़ादी से खुश हूँ"| मैं आज़ाद हो कर अपनी जिंदगी जीना चाहता हूँ अपने शर्त पर।

इतने लडकों का दिल तोड़ने वाली चाहत को आज दिल टूटने का दर्द महसूस हो रहा था| वो अपने आँखों के आसुओ को बारिश की बूंदों के साथ मिला रही थी| बारिश में भीग कर।

प्रेम धोखा तड़प अभिशाप

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