Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
हृदय की आत्मकथा
हृदय की आत्मकथा
★★★★★

© ओमप्रकाश क्षत्रिय प्रकाश

Abstract Inspirational

3 Minutes   479    39


Content Ranking

''अरे भाई! धीरे दौड़ो|'' बेक्टो के अंदर से आवाज आई| वह हाँफता हुआ रुक गया| जोरजोर से सांस ली| तब उस ने इधरउधर देख कर पूछा, '' अरे भाई! तुम कौन हो? और कहाँ से बोल रहे हो?''

तभी एक पान के आकार की चीज छाती से बाहर आ गई|

”मुझे नहीं पहचाना?'' उस चीज ने बाहर आ कर पूछा|

बेक्टो ने पहली बार ऐसा मांसपूंज देखा था| वह बंद मुट्ठी जैसा था| पूरा लाल-लाल| जैसे कोई लसलसा पिंड हो| बस कभी ऊपर की ओर फूल रहा था, फिर सिकुड़ रहा था| कभी नीचे की ओर फूल रहा था, फिर सिकुड़ रहा था|

''अरे! यह क्या कर रहे हो?'' बेक्टो ने उसकी अजीब हरकत देखकर पूछा|

''मैं धड़क रहा हूं,'' उसने कहा तो बेक्टो बोला, ''धड़कता तो हृदय है, यानी तुम हृदय हो!''

''हां,'' हृदय ने कहा, ''तुम ने ठीक पहचाना, मैं हृदय हूँ| खून पंप करना मेरा काम है|''

''वाकई!'' बेक्टो चकित था| आज उसने पहली बार हृदय को देखा था| उसने पूछा, ''तुम एक दिन में कितना खून पंप कर देते हो?''

''मैं एक दिन में एक टैंकर खून पंप कर देता हूं,'' उसने कहा|

''क्या!'' बेक्टो चकित रह गया| उसे पता नहीं था कि हृदय इतना खून पंप करता है| उसने पूछा, '' यदि तुम खून पंप करना बंद कर दो तो क्या होगा ?''

''तुम मर जाओगे,'' हृदय बोला, ''मैं खून पंप कर के फेफड़ों में पहुंचाता हूं| वहाँ खून के अंदर की गंदी हवा बाहर निकलती है| गंदी हवा यानी कार्बन डाई आक्साइड़ फिर यही खून में आक्सीजन मिलती है|''

"इसे ही श्वसन कहते हैं,'' बेक्टो ने पूछा, ''यानी हम सांस में जो हवा लेते हैं उस में आक्सीजन होती है| श्वास से जो हवा बाहर निकलती हैं उसमें कार्बन डाई आक्साइड होती है|''

''हां, ठीक कहा,'' हृदय बोला, ''यदि मैं खून पंप न करूँ तो शरीर को आक्सीजन और उस के साथ पोष्टिक तत्व मिलना बंद हो जाएगा| इससे तुम्हारा शरीर काम करना बंद कर देगा| तब तुम मर जाओगे|''

यह सुनकर बेक्टो चकित रह गया| ''यानी तुम दिनरात धड़कते रहते हो?''

''हां|''

''कभी आराम नहीं करते?''

''करता हूँ,'' हृदय ने कहा, ''मगर, पहले यह बताओ कि आराम का मतलब तुम्हारे लिए क्या होता है?''

''आराम का मतलब सोना या कोई काम न करना|''

''नहीं नहीं,'' हृदय ने कहा, ''आराम का मतलब काम से मुंह मोड़ना नहीं होता है| आराम का मतलब होता है, नई ताकत और ताजगी प्राप्त करना| यानी मैं जितनी बार सिकुड़ता हूँ उतनी बार नई ताकत और ताजगी प्राप्त करता हूँ यानी आराम करता हूँ|''

''ओह! तब एक दिन में तुम कितनी देर आराम करते हो?'' बेक्टो ने पूछा|

''मैं एक दिन में यानी 24 घंटे में से 9 घंटे आराम करता हूँ और 15 घंटे काम करता हूँ|'' अभी हृदय ने यही कहा था कि बेक्टो को उसके दोस्त ने आवाज दी, ''अरे बेक्टो! किधर खो गया| चल दौड़ना नहीं है क्या|''

''हां चल दौड़ते हैं,'' अचानक बेक्टो ने अपने सामने देखा| उसकी छाती के बाहर आया हुआ हृदय तुरंत छाती के अंदर चला गया था|

यह देखकर वह मुस्कुराकर तेजी से दौड़ने लगा| ताकि उसके हृदय की जोरदार कसरत हो और वह पहले से ज्यादा मजबूत बन सके|

---------------------

पंप खून काम धड़क

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..