Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
तितलियाँ नहीं बदली
तितलियाँ नहीं बदली
★★★★★

© Ajay Amitabh Suman

Drama

1 Minutes   171    8


Content Ranking

रविवार का दिन था। सुबह का वक्त था। शर्माजी चाय पीकर आराम फरमा रहे थे। दरवाज़े की घंटी बजी। शर्मा जी ने गोलू से कहा जरा देखना कौन है?

गोलू बोला अभी आया दादाजी। गोलू के अनपेक्षित आज्ञाकारिता से दादाजी विस्मय पूर्वक आनंदित हो उठे।

गोलू दौड़ते हुए दरवाज़े की तरफ भागा। बोला आज कॉलेज में स्पेशल क्लास है। ज़रा देर से आऊंगा।

शर्माजी का दिमाग ठनका। रविवार के दिन स्पेशल क्लास?खिड़की से देखा। गोलू के बाइक पे उसके कॉलेज की कोई दोस्त बैठी हुई थी।

शर्माजी मुस्कुराने लगे। बचपन में गोलू ऐसे ही झूठे बहाने बनाता था तितलियों को पकड़ने के लिए।

तितलियाँ बदल गयी थी पर तितलियाँ नहीं बदली।

दरवाज़ा बचपन तितली

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..