Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
मुश्किल बड़ी माँ-बाप के लिऐ घड़ी हो जाऐगी
मुश्किल बड़ी माँ-बाप के लिऐ घड़ी हो जाऐगी
★★★★★

© Prem Sahil

Others

1 Minutes   14.5K    19


Content Ranking

मुश्किल बड़ी माँ-बाप के लिऐ घड़ी हो जाऐगी

इस ग़रीबी में ही जब बेटी बड़ी हो जाऐगी

घर में आ जाऐ हमारे और कुछ पैसा अगर

इस मुहल्ले में हमारी भी तड़ी हो जाऐगी

ज़िन्दगी अपनी भी हो जाऐगी दीवाली की रात

इक दीया सलाई से जब फुलझड़ी हो जाऐगी

किसने सोचा था मुक़द्दर हम पे भी मुस्काऐगा

एक मामूली सी जड़ कीड़ा-जड़ी हो जाऐगी

रोज़ पैसा घर में बाबू जी अगर लाते रहे

देखते ही देखते कोठी खड़ी हो जाऐगी

कल जो फूलों का थी कंगन, किसने सोचा था कभी

फूलों के कंगन से साहिल हथकड़ी हो जाऐगी।

मुश्किल बड़ी माँ-बाप के लिए घड़ी हो जाएगी

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..