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वो क्या  कहेगे
वो क्या कहेगे
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© Atharva Vishal

Drama

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इश्क नया नया हुआ था उन्हें | पता भी न चला थाअब तक उन्हें खुद इसका | लड़का था पांडेपुर का और लड़की थी कहारनटोला की | कुल जोड़े जमात आठ में पढ़ते थे दोनों | लड़के को उसकी मुस्कान पसंद थी और लड़की थी की उसे झल्ला बोल देती थी | जब दोपहर का घंटा बजता तो निकल जाता लड़का इमली तोड़ने | क्यों? क्युकी उसे इमली पसंद थी | छुट्टी बाद दोनों बैठे रहते घंटो बातें करते पर इजहारे मुहब्बत की दलेरी दोनों में ना थी | दिन बीते महीने बीते और साल भी बीत रहा था और ये मिलना मिलाना लोगो कोअखरने लगा था | जाने दोनों में क्या था पर जमाने के पास ढेरो बातें थी | पान वाले चौरसिया ने दोनों को खेतों में मिलते देखा था और जमुनी काकी को तो लड़की के लक्षन पहले से ही सही नहीं लगते थे | फिर एक दिन सिसुपाल कहार की लड़की मरी मिली खेत में | पांडेपुर का लड़का का कोई पता ना था | पंचर वाली दूकान पर लोग बातें करते थे की मिश्र जी ने अपने लड़के को मामला शांत होने तक कही बाहर भेज दिया है | हकीकत कौन जाने |जमुनी का नाती अब आते जाते घुरहू की बिटिया से बातें करताहै | वो भी छुप छुप कर मुस्कराते हुए बातें करती है | दिन बीत रहे है सब भूल गए है उस पांडेपुर के लड़के और कहारनटोला की लड़की को | आज घर आते टाइम बड़ी भीड़ थी चौरसिया की दूकान पर| कुछ नया खबर होगा | पास जाने पर पता चला पांडेपुर का लड़का नहर में मिला | चौअसिया पान लगाते लगाते बताये जा रहा था अरे हम कह न रहे थे यही ससुरा कांड किया होगा| अब पुलिस का डर और सरकार भी तो दलितों की है , डर के मारे आत्महत्या कर लीन्हे नहीं तो पुलिस ऊ लाठी पे लाठी देती दुबारा हिम्मत ना होत इनकी | न जाने सच क्या था पर जमाने को दिल बहलाने को और टाइम बुझाने को कहानी मिल जाती है | अब जमुनी का नाती कभी कभी जलेबियाँ लाता था | सुना है सुशीला ने उसे घुरहू के दुआरे रात जाते देखा था|

समाज प्यार

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