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अब बस!
अब बस!
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© Ankita Ingle

Inspirational

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माही , मेरी चाय कहा है ?  कब से मांग रही हु और तुम हो की तुम्हारे कान में जू तक नही रेंगती , माही की सास ने कहा ! माजी मैंने तो दो बार आप से पूछा चाय के लिए पर आप ने मना कर किया की बाद में पीती हु , फिर मैं भी इनके और राहुल के टिफ़िन कि तैयारी में लग गयी ! राहुल, माही का ४ साल का बेटा है , ठीक है ना तो लेकिन बाद में तो देना चाहिए न , माही की सास ने कहा ! सॉरी माजी , अभी लाती हु , कह कर वो किचन में चाय बनाने चली गयी , चाय माजी को देकर राहुल को तैयार करने उसके रूम में चली गई , फिर पीछे से अभिजीत की आवाज़ आई,”अरे श्रीमति जी हमारा टिफ़िन रेडी है की नहीं”? हाँ बस अभी लाई कह कर अभिजीत को टिफ़िन दिया फिर राहुल को बस स्टॉप तक छोड़ने के लिए निकली , उसे बस में बिठा कर घर आई ही थी की देखती है बड़ी ननद सुधा बैठी है , पता नही माजी से क्या बात हो रही थी मुझे देखते ही चुप हो गई ! अरे आ गई माही तुम घूम के , पता नही कैसे टाइम निकाल लेती हो ? हमें तो सास लेने की भी फुर्सत नही रहती सुबह-२ , सुधा ने ताना मरते हुए कहा ! हाँ तभी तो सुबह -२ जब देखो तब हमारे घर आ जाती हो , माही ने मन ही मन कहा ! नही दीदी घुमने नही गयी थी राहुल को बस स्टॉप में छोड़ने गयी थी , माही ने सुधा का पैर पड़ते हुए कहा , हां ठीक है खुश रहो , सुधा ने कहा ! अरे महारानी बस बाते ही करते रहेगी की मेरी बेटी के लिए कुछ खाने पिने का इंतेज़ाम करेगी इतनी दूर से आई है थक गयी होगी कुछ ला जल्दी से , माही की सास ने कहा ! जी अभी लाई , कहती हुई किचन में सुधा की पसंद का नास्ता बनाने लगी ,उन्हें नास्ता दे कर खाने की तयारी में लग गयी , खाना खिला कर जैसे ही डायनिंग साफ़ करने आई , उसकी नज़र घड़ी में पड़ी अरे राहुल का आने का टाइम हो गया है फटाफट सब साफ़ करके राहुल को लेने गई उसे ला कर उसके कपडे बदल के , उसे फ्रेश करवा के उसे खाना खाने बिठाया साथ ही खुद भी खाना खाने बैठ गयी , खाते खाते वो राहुल से उसके स्कूल के बारे में भी पूछ रही थी ! फिर सब काम ख़त्म कर के थोडा लेटने अपने रूम में गयी तो माजी ने आवाज़ लगाई “अरे, तुम्हारी ननद आई है थोडा देर उसके साथ बैठ लो आराम तो रात में भी कर सकती हो”! माही उठ कर हॉल में आ गई , और ननद के पास बैठ गई ! शाम की चाय नास्ते के बाद माही सीधा डिनर बनाने में जुट गयी, सुधा डिनर करके जाने वाली है तो कही माही के कारण उन्हें लेट न हो जाये तो जल्दी -२ वो डिनर बनाने लगी , अभिजीत के ऑफिस से आते ही माही ने टेबल में खाना लगा दिया , खाना बहुत ही टेस्टी बना था पर अभिजीत के अलावा किसी ने खाने की तारीफ नही की ! खाना खाने के बाद अभिजीत सुधा को घर छोड़ने चले गए माही भी सब काम निपटा कर अपने रूम में आ गयी , थोड़ी देर पलंग में बैठी ही थी की उसकी नज़र आईने में गयी , खुद को देख कर वो घबरा गयी !” हे भगवान, क्या ये मैं हु ? कितनी कम उम्र में मैं कितनी बूढी लग रही हु , और ये क्या सुबह से मुझे बाल सवारने का भी टाइम नही मिला , और माही कुछ सोचने लगी ! शादी करके जब वो इस घर में आई थी तो कितने सपने संजोये थे उसने लेकिन यहाँ आ कर सब धरा का धरा रह गया , उसकी सास को कभी उसका सजना सवरना पसंद नही आया , वो हमेशा माही की तुलना अपनी बेटियों से करती , माही के हर काम में कमी निकालती उसे ताने मारती की उसकी माँ ने उसे अच्छे से संस्कार नही दिए , जैसे मैंने अपनी बेटियों को दिए है ! घर के हर फैसले अपनी बेटियों से पूछ के करती , माही की ननदे भी कम नही थी वो हमेशा अपनी माँ को कुछ न कुछ सिखाती रहती ! शादी के बाद माही ने ऑफिस ज्वाइन किया तो सास ने पूरा घर सर पर उठा लिया की जहा जाना है जाओ पर घर का सब काम कर के जाओ और आ कर भी तुम ही करोगी , कुछ दिन तो माही ने सब संभाला पर धीरे -२ वो टूटने लगी उसकी इच्छाये मरने लगी जहा शादी के पहले वो बहुत ही सज धज के रहती थी अब उसने सब छोड़ दिया , उसमे कुछ करने की इच्छा ही नही बची फिर जब राहुल हुआ तो उसका काम और बढ़ गया और माही ने जॉब छोड़ दी वो पूरी तरह से टूट चुकी थी ! अचानक राहुल के रूम में आने से वो अतीत में लौटी , राहुल को सुलाते -२ माही सोचने लगी इन ७ सालो में मैं कितना बदल गई हु , मुझमे किसी भी चीज़ को लेकर उत्साह नही है बस मैं ऐसे ही जिए जा रही हु लेकिन अब बस इन लोगो ने जो मेरे साथ किया वो किया लेकिन अब नही! अब मैं इन लोगो को अपनी ज़िन्दगी और बर्बाद करने नही दूंगी कल गुडी पडवा है नए साल की शुरुआत और मेरी ज़िन्दगी की भी नयी शुरुआत ! सुबह सुबह उठ कर माही ने नहा धो कर अलमारी से अपनी फेवरेट पिंक साडी निकाली जो अभिजीत की भी फेवरेट थी उसे पहना, हल्का सा मेक उप किया , बाल सुन्दर से बांधे , जब उसने आईने में खुद को देखा तो देखती ही रह गयी ! जैसे ही माही अपने रूम से बहार आई उसकी सास उसे देखे ही रह गयी , और तुरंत ही बोल पड़ी ,” माही ये सब क्या है? इतना तैयार हो कर कहा जा रही हो ? माही ने मुस्कुराते हुए कहा , “ माजी आज गुडी पडवा है , आप भूल गयी क्या ? बस उसी की तयारी कर रही हु , माजी सकपका गयी , वो तो भूल ही गयी थी , उन्होंने तुरंत फ़ोन उठाया अपनी बेटियों को याद दिलाने ! लेकिन ये क्या ?माही ने फ़ोन छीन लिया , और कहा “ किसे कॉल कर रही है आप ? दीदीयों को न , रहने भी दीजिये उनका भी घर परिवार है क्यों सुबह -२ उन्हें परेशान करना ! और कब तक आप उन्हें कॉल करके सब याद दिलाती रहेंगी ? अब वो बड़ी हो गयी है खुद याद रख सकती है आप चिंता मत करिए ,आप बस आराम करिए , मैं जा कर प्रसाद बनती हु जब तक आप भी नहा लीजिए , फिर साथ में पूजा करेंगे ! माही की सास को काटो तो खून नही वाली हालत हो गयी थी , वो समझ नही पा रही थी की रातो रात ऐसा क्या हुआ जो माही इतना बदल गयी मैंने कितनी मेहनत से उसे ऐसा बनाया था सब बेकार चला गया उन्हें समझ आ गया था की माही अब उनके हाथ से छुट गयी है ! माजी,” आप कहा खो गई जाइये नहा लीजिए”! माजी ने हाँ में सर हिलाया और नहाने चली गई ,सास के जाने के बाद जैसे ही माही किचन में जाने के लिए मुड़ी , की देखती है अभिजीत बेडरूम के गेट के पास खड़े -२ मुस्कुरा रहे है ! आज उन्होंने भी माही का एक नया रूप देखा था जो उन्हें भी बहुत पसंद आया ,जो काम उन्होंने माही को कई साल पहले करने कहा था माही ने उसे आज बखूबी किया था ! आज उन्हें भी अपनी माही पर बहुत गर्व हो रहा था ! माही भी अभिजीत को देख के मुस्कुरा दी , आज उसे भी समझ आ गया था की हर किसी को अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है , और हमे किसी को भी अपनी लाइफ ख़राब करने का मौका नही देना चाहिए , ज़िन्दगी एक बार ही मिलती है और उसे बखूबी जीना चाहिए ना की किसी के दबाव में !

 

नाट्य उपहास संघर्ष

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