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मकड़जाल भाग 5
मकड़जाल भाग 5
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© Mahesh Dube

Thriller

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मकड़ जाल भाग 5

 

      क्या तुम इस आदमी का हुलिया बता सकते हो राजाराम? विशाल ने पूछा। 

साहब! मैं उससे भी बढ़िया काम कर सकता हूँ। राजाराम बोला 

क्या?

मैं आपको इनकी तस्वीर दे सकता हूँ! 

तस्वीर? विशाल खुश हो गया, वो कैसे मिली तुमको?

साहब! ये पिछली बार आए तो बहुत खुश थे, मेरे को हमेशा बीस पचास टिप देते थे उस दिन सौ रूपया देकर बोले आज मेरा बर्थडे है। मैंने विश किया तो मेरे साथ एक सेल्फी ली साब! इतना बड़ा आदमी मेरे जैसे गरीब को इतना इज्जत दिया साब तो मैं भी अपने मोबाइल में फोटो लिया साथ में, सेल्फी बोलके। 

विशाल ने फौरन राजाराम का मोबाइल लेकर तस्वीर का मुआयना किया। एक रोबदार चेहरे का स्वामी राजाराम के साथ खड़ा मुस्कुरा रहा था। उसके गले में गरुड़ वाली चेन चमक रही थी और हाथ में वही राडो की घड़ी भी थी जो मृतक के शरीर पर पाई गई थी। 

इनका पता क्या है? विशाल ने पूछा 

वो तो नहीं मालूम साहब! हम लोग ग्राहक का सिर्फ मोबाइल नंबर रखते हैं। 

कोई बात नहीं, मोबाइल नंबर दो।

मगनलाल ने रजिस्टर देखकर मोबाइल नंबर दिया जिसपर विशाल ने अपना मोबाइल निकाल कर नंबर पंच किया तो नंबर बन्द बताने लगा। जो कि अपेक्षित ही था। विशाल का बहुत बड़ा काम रमणीकलाल एन्ड संस में आकर पूरा हो गया था। अब मोबाइल नंबर के द्वारा शेट्टी का पता निकालना कोई बड़ी बात नहीं थी। 

       दूसरे दिन सुबह विशाल मोबाइल नंबर द्वारा निकाले गए पते पर पहुंचा। वर्ली सीफेस के पास एक बहुमंजिला इमारत के टॉप फ्लोर पर रत्नाकर शेट्टी का निवास था। कॉल बेल बजाने पर जिस महिला ने दरवाजा खोला वह शक्ल सूरत से ही नौकरानी लग रही थी। अपना परिचय देने पर उसने विशाल से बैठने को कहा और भीतर सूचना देने चली गई। विशाल अनायास ही इधर उधर नजरें दौड़ाने लगा। सामने शेल्फ पर रत्नाकर शेट्टी की तस्वीर रखी हुई थी जिसमें वह अपनी पत्नी के साथ खिलखिला रहा था। कुछ देर में ही इसे इसके पति की मृत्यु की सूचना देनी है यह सोचकर विशाल का मन खराब हो गया। पुलिस की नौकरी बड़ी खराब है, उसने सोचा। अचानक कमरे में खुशबू का झोंका आया। विशाल ने उस ओर नजरें घुमाई तो एक फिल्म अभिनेत्री जैसी सुन्दर और फिट औरत नौकरानी के साथ दिखाई पड़ी। शेल्फ पर रखी तस्वीर के आधार पर विशाल समझ गया कि यही शेट्टी की पत्नी है। नजदीक आने पर विशाल ने उसका अभिवादन किया और बोला, आप मिसेज रत्नाकर शेट्टी हैं? 

हाँ! महिला ने संक्षिप्त सा उत्तर दिया। उसके हर एक्शन से शाही अंदाज टपक रहा था। 

आपके पति कहाँ हैं मैडम? विशाल बड़ी मुश्किल से हर हाइनेस कहने से खुद को रोक पाया।

वे चार दिन से एडवेंचर टूर पर लेह लद्दाख गए हैं मिसेज शेट्टी ने कहा।

क्या इस बीच आपकी उनसे कोई बात हुई?

नहीं! वे संपर्क का कोई साधन नहीं ले जाते। हर साल उनका रेस्ट करने का यही तरीका है। कुछ दिनों के लिए दीन दुनिया से कटकर वे अलग दुनिया में चले जाते हैं मोबाइल भी बंद करके यहीं रख गए हैं। उनका मन होता है तो फोन कर लेते हैं नहीं होता तो नहीं करते। वैसे बात क्या है ऑफिसर? महिला के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई थी।  

माफ़ी चाहता हूँ मैडम! लेकिन मेरी बदमजा ड्यूटी मुझे निभानी ही है। दरअसल हमें वसई के किले में एक लाश मिली है जिस पर हमें शक है कि वह आपके पति की हो सकती है। क्या आप चलकर शिनाख्त कर सकती हैं? विशाल कलेजे पर पत्थर रखकर बोला। 

अचानक महिला का चेहरा रंगहीन सफ़ेद पड़ गया और नहीं! ऐसा नहीं हो सकता, कहकर वह बेहोश सी होकर गिर पड़ी। नौकरानी ने उसे सहारा दिया और किसी तरह मुंह पर पानी छिड़क कर उसे होश में लाया गया। बाद में किसी तरह मिसेज शेट्टी मोर्ग पहुंचीं और शव की शिनाख्त का काम शुरू हुआ।

 

रहस्य कथा

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