Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
विजयपथ
विजयपथ
★★★★★

© Anantram Choubey

Drama

1 Minutes   1.5K    15


Content Ranking

विजयपथ पर

जब कोई बढ़ता है

आपस में द्वेषभाव

बढ़ता जाता है

किसी - न - किसी को

विनाश की ओर

ले जाता है

जीवन दूभर 

हो जाता है !

भाई - भाई हो

अच्छे दोस्त हो

पति - पत्नी हो

एक दूसरे को

आगे बढ़ता नहीं

देख पाते हैं !

पति - पत्नी दोनों

नौकरी करते हों

नई - नई शादी हुई हो

पति कहीं ,पत्नी कहीं

दूसरे शहरों में

नौकरी करते हैं

हफ्ते में एक - दो दिन

छुट्टी में मिल पाते हैं

ट्रांस्फर जल्दी होता नहीं !

सरकारी हो, प्राइवेट हो

समय - बेसमय तक

बॉस काम कराते हैं

पत्नी का बॉस पुरूष है

पति की बास महिला है

शक में गलतफहमियां

अक्सर हो जाती हैं !

जीवन की राहें

दूभर हो जाती हैं !

विजयपथ की राहों में 

अड़ंगे आ जाते हैं !

नौकरी की राहों में

अक्सर ऐसी ही

मजबूरियाँ आती हैं !

ऐसे में जोश से नहीं,

होश से काम 

लेना चाहिये

एक - दूसरे की 

मजबूरियों को

आपस में समझकर

सुलझाना चाहिये !

विजयपथ की राहें

हल हो जाएंगी

जीवन की राहों में

सफलता दिलाएंगी

खुशियाँ ही खुशियाँ होंगी...।


   

Success Jealousy Relationship

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..