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रात भर उठता रहा धुँआ
रात भर उठता रहा धुँआ
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© Rajkumar Kumbhaj

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बेहिसाब बारिश

सूखे का मंगलगान हुआ अपवित्र

भेड़ें चरती रहीं फाइलों में कालीन

रात भर उठता रहा धुँआ

अकेला हुआ मैं .

रात भर उठता रहा धुआं

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