Yogesh Suhagwati Goyal

Others


5.0  

Yogesh Suhagwati Goyal

Others


शेप में आना होगा

शेप में आना होगा

1 min 675 1 min 675

इस मोटापे ने जीवन में गदर मचा रखा है

कौन सा गुनाह किया जो इतना सता रखा है

पेट के बहाने दिल पर, हमले की तैयारी है

राम जाने आगे किस नयी जंग की बारी है


बचपन और आज में, ऐसा क्या बदल गया

मैं वही हवा पानी वही, नया क्या घट गया

बचपन में तो शरीर का कद बढ़ा करता था

पर आज उसी खानपान से पेट निकल गया


पिज्जा पकौड़ी नाम से मुंह में पानी आता है

दो कदम चला नहीं जाता, दम फूल जाता है

१५० ग्राम की कचौरी, वजन १ किलो बढ़ता है

आजकल तो खाना सूंघना भी भारी पड़ता है


मन का खाना नहीं, मन का पहनावा नहीं

अपनी नज़रों में ही, खुद को गिरा रखा है

योगी अब तो खुद से खुद को चुराना होगा

कोई चारा नहीं बचा है शेप में आना होगा 



Rate this content
Originality
Flow
Language
Cover Design