Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
शतरंज
शतरंज
★★★★★

© Dhruvesh Jain

Inspirational Comedy

2 Minutes   7.0K    8


Content Ranking

जिंदगी का खेल भी शतरंज की बिसात पर है बिछा पड़ा
मुकाबला करने को सामने आपका नसीब खुद ही है खड़ा

हमारा जीवन भी शतरंज के चौसठ खानो में ही है खड़ा
किस्मत का कोई प्यादा सफेद तो कोई काले घेरे में है खड़ा

हर मोहरा बस आपकी एक गलत चाल के इंतजार में है खड़ा
किसी कोने में हाथी तो किसी प्यादे के पीछे घोड़ा आप पर निगाहे गड़ा है खड़ा

यह खेल है शतरंज का
यहाँ जीतने की चाह में खेल को ठीक से सीखा नहीं
बन्द कमरे में जलते दिए ने दिखा दिया रास्ता सही
एक पल को सोचा नहीं
दिया लेकर खड़ा था जो दुश्मन निकला वहीं
और दुश्मन के बिछाए जाल को ठीक से परखा नहीं
निकल पड़े जंग लड़ने को जब धार आपके इरादों में नहीं
जीतना सीखोगे कैसे जब हारना ही सीखा नहीं

हर कोई बस इस सोच में
जीता कैसे जाए
पहले ये तो समझ लो
दुश्मन को जीतने से रोका कैसे जाए

दुश्मन की हर चाल को पहले मापिए
उसके लिए हर फैसले को बारीकी से भापिए

उसके बिछाए प्यादो में
है कपटता भरी पड़ी
यहाँ हर कदम मौत है
फिराक में आपके खड़ी

है हम सब पहिए काल चक्र के
कब कौनसा थम जाए पता नहीं
यह मोहरेंं है किस्मत के
कब कौनसा चल जाए पता नहीं

किस्मत का मोहरा है सबसे अनोखा
ढाई-ढाई चले है वो घोड़ा
मत तोड तू खुद को जब किस्मत ने तन्हाँ छोड़ा
प्यादा भी वजीर बन जाए अगर हौसला है थोड़ा

जिस दिन आप शतरंज के खेल को समझ जाओगे
उस दिन आप जिंदगी का खेल खेलने के काबिल हो जाओगे

 

 

SHATARANJ and Life

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..