Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
महत्वाकांक्षाएं
महत्वाकांक्षाएं
★★★★★

© Shilpa Dwivedi

Others

1 Minutes   7.1K    4


Content Ranking

आज एक मीठी सी आस जगी है

कुछ कर दिखाने की लगन लगी है

उन चाँद सितारों को तोड़ लूँगी

सूरज का मुख भी मोड़ दूँगी

आज हाथ हैं मुट्ठी भर रेत के बिन

पैरों तले रेगिस्तान भी होगा एक दिन

ये रेगिस्तान भी खाली नहीं रहेगा

इसमें भी खुशिओं का फूल खिलेगा

आज पैर है छोटें और बड़ी है ज़मीं

कल नही होगी उड़ने के लिए पंखों की कमी

जगी है आस की किरण मन में

बहुत बड़ी बनूँगी जीवन में

चाहे जो था कल, चाहे आज जैसा है

अच्छा होगा कल, मेरा विश्वास ऐसा है

मन की महत्वाकांक्षाएं हो जाएंगी पूरी

मुझमें और मेरे सपनों में नहीं रह जाएंगी दुरी

मेरा जीवन संवर जाएगा

मेरी खुशियों का घड़ा भर जाएगा

यकीं है ये सूखा तालाब एक दिन सागर बन जाएगा

#desires#hope#fly#life

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..