Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
अम्मा
अम्मा
★★★★★

© Gaurav Sharma

Drama Inspirational

1 Minutes   7.0K    3


Content Ranking

कितनी भीगी आँखे? कितने दिल नरम है!

''अम्मा" तेरे जाने का सबको कितना गम है।

प्यार ही प्यार देकर सबको जाने कहाँ खो गई?

जगा-जगा कर हर एक बालक देखो "अम्मा" सो गई।

मन्द-मन्द सी मुस्काती, लफ़्ज़ों से फूल से गिरते थे।

जब-जब अम्मा हाथ उठाती जनमत उठते गिरते थे।

सहयोगी थी, सहभागी थी गरीबो की तुम साथी थी।

कौन सम्भालेगा अब सबको तुम ही तो इन्हे समझाती थी।

कितने तूफानो को झेला आज तूफान की तरह चली गई

तन्हा रही पर अडिग रही आज सबको तन्हा कर गई।

कौन कहता है कि सच है? कफन मे जेब न लग पाती है।

सांसे भले साथ छोड़ दे भलाई बुराई ही साथ जाती है।

"अम्मा" अपना साथ यहीं था इतना तुझ पर हक मेरा था

आगे अकेले जाना तुझको ये सफर तो बस तेरा था।

कितनी भीगी आँखे ?कितने दिल नरम है ! "अम्मा" तेरे जाने का सबको कितना गम है।

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..