Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
मेरे रूह में तू बसती
मेरे रूह में तू बसती
★★★★★

© Savita Mishra

Others

2 Minutes   1.4K    7


Content Ranking

 

खबर आई थी कि
तू अस्पताल में है माँ,
सास घर पर थीं
कमजोर दातों को अपने
निकलवा कर-

दोनों को ही 
समान आदर देने के लिए
कल पर छोड़ दिया था
तुझसे मिलना मैंने माँ |
पर कल कभी न आया 
मनहूस खबर आई थी
भागते हुए पहुंची अस्पताल
पर नहीं मिली तू मुझे माँ !

मायके पहुँची तो
वहां तू नहीं थी माँ,
तू हमेशा के लिए मौन थी
तेरा मृत शरीर सामने था,
वह सब अविश्वसनीय था
कि तू नहीं रही माँ !
आंसू थे कि थमने का
नाम ही नहीं ले रहे थे,
आँखों के साथ मन रो रहा था
जब तुझे ले जाने लगे थे
उस तख्ती पर
तो भी समझ नहीं आया
लगा ही नहीं 
कि सच में अब नहीं रही
तू इस दुनिया में माँ !

घर में आईं रिश्तें की
बहन बेटियाँ बहुएँ
जेठानी, देवरानी
सब तैयारी में लगे थे
नहाने और तेरा शरीर जहाँ था
उस स्थान को धोने में
किन्तु हम खोये थे
बालकनी की खिड़की पर अटके
और सोच रहे थे 
कि तू चिता से उठ जाएगी
सब को आश्चर्य में डाल 
लौट आएगी घर
रास्ता तकते रहे थे 
जब तक सब ना आ गए
तब तक तेरे होने की 
खुशखबरी का था
इन्तजार माँ !

पर
ऐसा ना हुआ
फिर भी विश्वास था कि
टूट ही नहीं रहा था
जब जब बेटी का होता है जन्म
सोचते है 
शायद तू उनमें
रूप धर कर आएगी
पर यह भ्रम भी 
एक दो साल का होने पर 
टूट जाता है
क्योंकि 
तुझ सा उनमे कुछ नहीं दिखता ...!

ओ माँ 
तू सशरीर इस दुनिया में भले ना हो
पर मेरे रूह में तू अब भी बसती है...।

#माँ

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..