Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
कश्मकश
कश्मकश
★★★★★

© Kamlesh Khatri

Comedy

1 Minutes   14.2K    14


Content Ranking

ना ही सवाल

ना ही जवाब

ख़त्म सिलसिला सब बातों का।

दर्द पर हँसी

हँसी में दर्द

मज़ाक सा बन गया जज़्बातों का।

चाँद खफ़ा

सितारे फ़ना

ये हाल है चाँदनी रातों का।

सच पर सवाल

झूठ मालामाल

दौर चल रहा सियासतों का।

गिरहें खोल दें

उलझा भी दें

क्या करूँ मैं नगमातों का।

ख़ामोश था

अब शोर हूँ

एहसान बहुत है इल्ज़ामातों का।

" कश्मकश "

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..