शराबी का शराब

शराबी का शराब

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जागते जागते नशे में ही सोता हूँ,

क्योंकि मैं शराबी सिर्फ शराब पीता हूँ।


बड़ी समस्या है पानी की आजकल,

सभी जगह पानी बचाव पैगाम हैं।


इसलिए ना दो बूंद पोलियो की पीता,

ना ही जीने के लिए पानी पीता हूँ।


शराब की बिमारी से बच जाए लोग,

इसलिए मै खुद सारी शराब पीता हूँ।


वो कहती थी नशा मुझमें जादा है,

शराब छोड़ कर तो आजमाओं।


दो चार बोतल चढ़ाया मैंने और कहा

इससे ज्यादा नशा है तो फिर बताओ।


एक दो नही कई बोतल पी जाता हूँ,

हर दिन नया मैं रिकॉर्ड बनाता हूँ।


गम में भी और खुशी में भी पीता हूँ,

मैं तो सिर्फ पीने के लिए जीता हूँ।


शराब का शौकिन बस शराब पीता हूँ

शराब जिंदाबाद हर शराबी का नारा है,

हमारे जीने का यही एक सहारा है।


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