Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
किसान का दर्द
किसान का दर्द
★★★★★

© Neeraj Chauhan

Drama Tragedy

1 Minutes   13.6K    11


Content Ranking

बदल गया है फ़ैशन सारा

बदल गया दुनिया का हाल

बदला नहीं किसान देश का

अब भी बेचारा बदहाल !


व्यवस्था का ज़ुल्मों-सितम

क़ुदरत का क़हर पी रहा

देखो मेरा अन्नदाता

ख़ुद ज़हर पी रहा


बिलखती है ख़ामोशी

चीख़ता है सन्नाटा

पालनकर्ता माँग रहा है

दो रोटी का आटा


झेलता ही आया

हरदम दोहरी फटकार

एक बादल नहीं बरसता

दूजा बरसता है साहूकार


देखो क़र्ज़ तले दबी

एक आत्मा मर रही है

भरी चौपाल में उसकी

पगड़ी उतर रही है


कलिकाल का महातमाचा

लगा मुझे हँसी आई,

बीस रुपये का चैक देखकर

उसकी आँखें भर आई


अनब्याही बेटी ने

दर्द शूल - सा दिया है

वो आज उसी की चुनरी से

पंखे पर झूल गया है...!



Farmers Death Suicide Problems

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..