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मुक्तक
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© Dheeraj Pachvarya

Drama

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कभी दिल्ली, कभी गुजरात

वो भोपाल लगता है

कभी शिमला, मसूरी

और नैनीताल लगता है

हमसे रूठकर परसों तो वो

धरने पे जा बैठा,

मुझे महबूब भी मेरा तो

केजरीवाल लगता है !


Satire Love Lover

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