भूख

भूख

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सरेआम बिकती है

चौराहों पर

सड़क के किनारे

मंदिरों के बाहर

मस्ज़िदों के

छोटे गलियारों पर

पेट कि भूख

विचारों कि भूख

अरमानों की भूख

दरअसल

रोटी का अस्तित्व

ही तब-तक है

जब तक भूख है

 

 


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