Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
भावित मन
भावित मन
★★★★★

© Usha Rani

Others

1 Minutes   14.2K    4


Content Ranking

निर्बाध उन्मुक्त जीवन

के दिन

कभी देह कभी अर्न्तमन

के क्षण

जीवन की सोंधी महक

से भरी

निश्छल प्रेम की छलकी

गगरी

आँखों में चाँद और सूरज

की लौ

प्रतीक्षा, उत्कंठा का हर

पल बहे रौ

घास में हवा के

पदचिन्ह की आहट!

ओस बिंदू में समुद्र

की छटपटाहट!

सुगंध बना फूल का

असीम विस्तारण

अगन भीतर भर श्रृंगार

आभरण

तेरे विश्वास के मलय में

अंधकार को कर पार

असीम प्रेम बन हदय में

परिपूर्ण श्रृंगार

काया की काया, रुप का

अभिरुप

आँखों के अधीर विस्मय में

खिलती सुनहरी धूप

स्मृति में विस्मृति में

फर्ज़, खिलते-पलते

सब तुम्हारे अनंत साम्राज्य

में समाते

#poetry #hindipoetry

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..