Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
एक पंछी
एक पंछी
★★★★★

© Adarsh K Warman

Fantasy

1 Minutes   1.2K    5


Content Ranking

उड़ता चल पंछी, कभी तो लहर आएगी

गीत गाती  मस्त हवा, आसमान में घुल जाएगी

दूर-दूर तक फैले, ये संसार के छोर 

महकते पंखो में भर देते हैं जो़र

हर पल कातिल सी यें निगाहें, हैं किसको ढूंढती

हर एक सफ़र की राह, अपना राज़ हैं गूढ़ती 

उम्मीद हैं दिल में, कभी तो मंजिल मिल जाएगी 

इंतजार में बैठी ये बाहें, फिर तो खिल जाएंगी

मुसाफिर बनकर तू, कर ले अपनी हर हसरत पूरी

इस अंतहीन यात्रा में, कर ले कम दिलों की दूरी

हे  प्रभु शक्ति दें, इस कालचक्र के पहिये चीर दूँ

मन में पीर भक्ति दें, हौंसलों से संसार को नीर दूँ

 

पंछी मंजिल आज़ाद उड़ान

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..