Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
बेख़बर
बेख़बर
★★★★★

© Srishti Sharma

Inspirational

1 Minutes   6.8K    7


Content Ranking

बेख़बर है तू

बेख़बर ही रहेगा

नादान है बच्चे तू

और हमेशा नादान ही रहेगा

पंछी के पंख को काटने की सोच के

धरती पे तू ही गिरता रहेगा

संभलेंगे जब कदम तेरे 

ख़ुदको ग़मों के रेगिस्तान में ही पाएगा

उठने की सोचते सोचते 

उलझनों के समुंदर में ही डूबता जाएगा

जिसे तोड़ने की चाहतों में डुबा था

उसी को पलकों पे बैठा कर

आसमान को छून चाहेगा....

         

नादान पंख आसमान

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..