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माँ
माँ
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© Pinkal Jain

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माँ बिन जीवन है अधूरा खाली-खाली

सुना खाना पहले हमें खिलाती है

बाद में वह खुद खाती है

हमारी खुशी में खुश हो जाती है

दुख में हमारे आंसू बहाती है

कितने खुशनसीब हैं हम

पास हमारे है माँ

कितने बदनसीब हैं जिनके पास नहीं होती है माँ।

माँ

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