Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
भ्रमजाल
भ्रमजाल
★★★★★

© Vineeta Joshi

Fantasy

1 Minutes   1.5K    8


Content Ranking

कभी पतझड़ से, बहारों से
गर्मी से भी, और जाड़ो से
पुछूं  जब नाम तेरा
तो वो कहते है, नही पता।

तरबतर फ़िज़ा से, ठंडी शीतल बयारों से
सूरज से भी, और तारों से
पूछुं जब नाम तेरा,
तो वो कहते है, नही पता।

आबाद गगन से, बीहड़ बंजारों से,
उस रब से भी, और सब दरबारों से
पूछुं जब नाम तेरा
तो वो कहते है, नही पता।

हर रोज़ जगा, हर रोज़ थका
ऐसे ना हमको, ऐ ख़्वाब सता
सच, है तेरा कोई नाम पता
या तू कोई भ्रमजाल बता।

ज़िन्दगी सपना भ्र्मजाल

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..