Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
पगड़डियां
पगड़डियां
★★★★★

© Anjana Singh

Classics Abstract

1 Minutes   7.3K    7


Content Ranking

ये पगडडियां

जब राह नजर ना आए

हम पगडडियां बनाएँ

अपने को जीत कर हम

दुनिया पर राज पाएं

भुलभुलैया इस जीवन को

पार लगातें जाए 

आओं हम पगडडियां बनाकर

आगें बढ़ते जाए

हो रफ्तार धीमी तो क्या

एक दिन मंजिल पाएंगें

हमारीं शंकाओं के बादल

एक दिन छट जाएंगें

दूर हमारीं मंजिल सही

पर इन पगडंडियों के सहारें

हम नैया पार लगाऐंगे.....

पगडंडियां मंजिल यादें

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..