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Wohoo!,
Dear user,
प्यास
प्यास
★★★★★

© Asha Pandey

Drama

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तुम्हारे आंगन में

सुविधाओं का

अथाह सागर उमड़ रहा था पर किनारे पर खड़ी मैं

प्यासी ही रह गई |


तुम विस्मित थे

तुम्हें नहीं पता कि –

सुविधाओं के खारे सागर से

प्यास नहीं बुझती |


प्यास बुझाने के लिए तो

दिल की निर्झरणी से

बहती हुई प्रेम-धार की

एक बूंद ही काफी है |



Water Thrust Life

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