Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
तुम आ जाओ तो...
तुम आ जाओ तो...
★★★★★

© Gordhanbhai Vegad (પરમ પાગલ)

Others

1 Minutes   6.8K    7


Content Ranking

तुम आ जाओ तो जीने का माहौल बनता है
तुम नहीं हो तो महफिल मे भी दम घुटता है

तुम्ही से दिल की धड़कन का ताल बजता है
सांसो की सरगम का सूर तम्ही से सजता है

जब रातो में तुम्हारी यादों का दीप जलता है
तन्हाइयों का हर लम्हा मोती सा चमकता है

मुरझाती रूह को मानो नवजीवन मिलता है
फिर दर्द पुराना नई महक लेकर खिलता है

एक "परम" चेहरा दूर होकर भी पास होता है
बनके "पागल" कोई खुद को यादों मे खोता है

मुरझाती रूह को मानो नवजीवन मिलता है फिर दर्द पुराना नई महक लेकर खिलता है

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..