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क्या खोया, क्या पाया ?
क्या खोया, क्या पाया ?
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© Anushree Goswami

Drama Inspirational

1 Minutes   13.6K    8


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कभी - कभी सोचती हूँ,

क्या पानी में तैरती मछली भी

कुछ खो सकती है?

और अगर खोती भी है,

तो अपनी ज़िन्दगी से कुछ सवाल क्यों नहीं करती है ?


कभी - कभी यूं ही लगता है,

पूछूँ कुछ सवाल जब दिखे

मेरा खुद का साया,

पर डर लगता है ज़िन्दगी यूं ही न बीत जाये सोचते हुए,

क्या खोया और क्या पाया ?


जीवन के यथार्थ में बहुत कुछ है खोया और पाया,

पर क्या इसी को कहते हैं जीवन की असली माया,

हर किसी के जीवन की कुछ न कुछ कहानी होती है,

कभी खोना कभी पाना ही,

असल ज़िन्दगी की निशानी होती है !


कभी हम खोने को मृत्यु से, पाने को जीवन से जोड़ बैठते हैं,

कभी इस भ्रम में खुद ही को खुदा से तोड़ बैठते हैं,

जोड़ ; तोड़ की इस प्रवृति ने हम सबको है भरमाया,

इसलिए मेरा प्रश्न अब तक अनुत्तरित है -

"क्या खोया और क्या पाया...?"

Life Lessons Questions

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