Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
दिल्ली में जहानाबाद
दिल्ली में जहानाबाद
★★★★★

© Arpan Kumar

Abstract Others Inspirational

2 Minutes   14.3K    7


Content Ranking

एक 

 

मेरे जन्म से पहले से ही

था जहानाबाद

 

जहानाबाद को

दिल्ली में देखता हूँ

टीवी के पर्दे पर

लोग डरते हैं

जहानाबाद से

मैं लोगों की

पुतलियों से

झपकते डर को

हाथ बढ़ाकर

छूना चाहता हूँ

मैं बताता हूँ

मेरा बचपन

निरापद गुज़रा है

अपने गाँव में

जहानाबाद संसदीय क्षेत्र में

लोग चतुर हैं

जहानाबाद के एक गाँव को

पूरा जहानाबाद नहीं मानते

 

मैं जहानाबाद के

आतंक को

लोगों के

डाइनिंग टेबल से

हटाना चाहता हूँ

लोग बड़े-बड़े कौर चबाते

रुक जाते हैं सहसा

घिग्घी बंधने लगती है

उनकी

मुझसे आगे

बात करते हुए

दिखने लगते हैं

अचानक उन्हें

कई कई जहानाबाद

मेरी आँखों में

प्लेटें अधूरी छोड़

भाग पड़ते हैं

वाश-बेसिन की तरफ़

एक-एक कर के

कुर्सी पर

अकेला बचा जहानाबाद

गर्दन पीछे कर

उन्हें कातर निगाहों से

देखता सुबकता है

और फिर

टेबल पर

औंधा गिर पड़ता है

नेपथ्य में

एक साथ

कई दरवाज़ों के

लगने की आवाज़

धड़ाम से आती है

और शांत हो जाती है

 

मेरे जन्म से पहले से ही

था जहानाबाद

जहानाबाद मुझसे

क्यों कर पैदा हो गया!

......

 

दो

 

जहानाबाद

कोसता है

अपने

लहूलुहान वर्तमान को

जीते जी

इतिहास के घूरे पर

चले जाने के लिए

 

जहानाबाद अकेला नहीं है

विश्व के मानचित्र पर

 

वे जहानाबाद

कितने अच्छे हैं

जो अकेले हैं

अचर्चित हैं

स्थानीय हैं

टीवी पर नहीं दिखते

अख़बारों में नहीं आते

मैगज़ीन की कवर स्टोरी

नहीं बनते

जहानाबाद

तब सिर्फ़  

जहानाबाद रहता है।

......

अक्सरहाँ व्यक्ति का इलाक़ा उसकी पहचान बन जाता है।

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..