अमर प्रेम कहानियाँ

अमर प्रेम कहानियाँ

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प्रेम कहानी ये है बाजीराव-मस्तानी,

जो थी बस मराठा पेशवा की दिवानी।

जीते दम तक दूसरी बीवी बनकर रहती,

मरने के बाद उनकी चिता में हुई सती।

सोहनी-महिवाल की कहानी ने आग लगा दी,

घरवालों ने की सोहनी की जबरदस्ती शादी।

प्यार में दिवाना उसके गाँव जा पहुंचा,

फिर होने लगा उनके दिवानेपन का चर्चा।

लोगों ने उनको चैन से जीने ना दिया,

इसलिए दोनों ने मौत को गले लगा लिया।

लैला और मजनू से तो सभी वाकिफ है,

प्यार के किस्से में होती उनकी तारीफ है।

मदरसे की शिक्षा से हुई दोनों की रवानी,

और शुरू हुई फिर लैला मजनू की कहानी।

जबरजस्ती हुईं शादी लैला ने तलाक़ लिया,

मिली फिर मजनू से भागने का ऐलान किया।

जीने की तमन्ना में दोनों साथ मर गए,

फिर उनके कब्र आस पास बनाए गए।

पंद्रह जून को उनकी मजार पर लगता मेला है,

लोग देते मिशाल कि वो मजनू और लैला है।


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