Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
चिड़िया
चिड़िया
★★★★★

© Jyoti Khare

Comedy

1 Minutes   13.4K    7


Content Ranking

फुदक-फुदक
आँगन में आकर
सामूहिक चहचहाती
अन्नपूर्णा का भजन सुनाती
दाना चुगती
फुर्र हो जाती,

धूप चटकती तब
तिनके-तिनके जोड़-जोड़ कर
घर के कोने में
घोंसला बनाती
जन्मती
नन्ही चहचहाहट
देखकर आईने में
चोंच मारती
थक जाती तो
फुर्र हो जाती,

समझ गयी जब से तुम
आँगन-आँगन
जाल बिछे हैं
हर घर में
हथियार रखे हैं
फुदक-फुदक कर
अब नहीं आती
टुकुर-टुकुर बस देखा करती
फुर्र हो जाती,

एक निवेदन चिड़िया रानी
लौट आओ अब
घर आँगन
नये सिरे से
खोलो द्वार
चहको और चहकाओ...

चिड़िया

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..