Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
ग़ज़ल
ग़ज़ल
★★★★★

© दिनेश त्रिपाठी

Inspirational Drama

1 Minutes   13.1K    2


Content Ranking

एक काँटा - सा दिल में चुभा रह गया,

जो भी कहना था सब अनकहा रह गया।

ले के जाता रहा सबको मंज़िल तलक,

खुद वहीं का वहीं रास्ता रह गया।


ले गया जो मुझे मुझसे ही छीनकर,

बस वही शख़्स मुझमें बचा रह गया।

इक दिया भोर की राह तकते हुए,

रात भर हिज़्र में जागता रह गया।


यूँ बिना बात के रूठ जाता है वो,

उसमें अब तक बचा बचपना रह गया।

दृष्टि फेरूँ तो ये उसका अपमान है,

इसलिए रूप को देखता रह गया।


सबके सब छोड़कर चल दिए जब मुझे,

साथ मेरे मेरा हौसला रह गया...।।

Motivational Gazal Motivation

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..