Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
2 ) मेरी पीठ
2 ) मेरी पीठ
★★★★★

© Sanjay Shepherd

Others

1 Minutes   6.9K    9


Content Ranking

 

तुमने अपना प्रेम 

मेरी पीठ पर लिखा था 

मैंने तुम्हारी छाती पर 

 

तुम थोड़ी सी अपने पलकों को झुका 

मेरे लिखे को पढ़ सकती थी 

मुझे हर बार 

तुम्हारे प्रेम के लिए मुड़ना था 

 

मैं पीछे छूट गया ... 

 

क्या सचमुच, तुमने मेरी पीठ पर प्रेम लिखा था 

यदि हाँ तो मेरी पीठ इतनी सख़्त क्यों है ?

 

sanjay poetry

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..