Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
अरमां बाँध रहा हूँ...
अरमां बाँध रहा हूँ...
★★★★★

© Rahul Mishra

Romance

1 Minutes   6.6K    6


Content Ranking

अरमां बाँध रहा हूँ,
हर एक लफ़्ज-ओ-ग़ज़ल में..
जो पढ़ के रो पड़ो, तो...
जला कर मेरे खत रख देना.. 
 
जो ना रहे यकीन तुमको
मेरी वफ़ा पे, तो खींच लाना
मेरी शायरी को कठघरे में, और..
चारों ओर एक अदालत रख देना..
 
जो गुनाह साबित हो जाए,
तो हक़ है तुम्हे मेरे कत्ल का..
सज़ा मेरी भूल कर भी, हरगिज़
इससे कम मत रख देना..
 
और जो मैं बेगुनाह निकलूं..
तो मुआवज़े की एक शर्त रहेगी..
मैं प्यासी बूँद बन के गिर पड़ूँगा..
तुम अपने होंठों पे एक छत रख देना.

जला कर मेरे खत रख देना..

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..