Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
माँ का अंश
माँ का अंश
★★★★★

© Dr Sangeeta Gandhi

Others

1 Minutes   14.2K    8


Content Ranking

माँ का अंश दूर देश में रहता है अब,
मेरा अंश वो सुंदर-सलोना।
पास रखा है हॄदय से लगाकर,
उसका वो पहला बिछौना।
अपलक निहारूँ रोज़ मैं,
उसका वो छुक-छुक वाला खिलौना।

चलता था मेरी उँगली पकड़ जो,
डगमग-डगमग पांव से।
अब विदेश में भागता दौड़ता,
रिक्त हो गया भावों के गांव से।
निकट मेरे हैं उसके वो मासूम,
तुतलाते एहसास।
बना मशीन-सा यांत्रिक वो,
दूर ममत्व की छांव से।


माँ का अंश poem for contest#mother

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..