Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
रिश्तों का अर्थशास्त्र
रिश्तों का अर्थशास्त्र
★★★★★

© Krishna Kumar Yadav Yadav

Drama

1 Minutes   7.1K    11


Content Ranking

रिश्तों के बदलते मायने

अब वे अहसास नहीं रहे

बन गये अहं की पोटली

ठीक अर्थशास्त्र के नियमों की तरह

त्याग की बजाय माँग पर आधारित

हानि और लाभ पर आधारित 

शेयर बाजार के उतार - चढ़ाव

की तरह दरकते रिश्ते

ठीक वैसे ही

जैसे किसी उद्योगपति ने

बेच दी हो घाटे वाली कम्पनी

बिना समझे किसी के मर्म को

वैसे ही टूटते हैं रिश्ते

आज के समाज में

और अहसास पर

हावी होता जाता है अहं। 


[ कृष्ण कुमार यादव ]

Relationship Selfish Relations

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..