Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
वो बात
वो बात
★★★★★

© Vãrtìkà Ãwásthí

Drama

1 Minutes   6.6K    10


Content Ranking

कभी कही ना थी वो बात किसी से,

जुबां पर वो मंडराती थी फिर दिल में जा बस जाती थी।

आँसु बन आँखों में बसती थी वो,                                          

मन तो फुट-फुट कर रोता था।

उन सिसकियों को हम दबा लेते थे,                                

मन में कि कोई सुन ना ले उन्हें,          

और फिर हमारे दर्द का मज़ाक बन जाऐ।

हमसे खफा-खफा थी यह दुनिया,

हम कमजोर नहीं थे।

हमारी मजबूरी तो समझो कोई,

तुम ने तो छोड़ दिया वहाँ जहाँ हाथ थामना था।

कह ही नहीं पाए

बात दिल का दर्द बन कर ही रह गई।

Read please

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..