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मेरे अश्क़
मेरे अश्क़
★★★★★

© Shivam Gupta

Drama Romance Tragedy

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आशिक़ी की थी तुमसे

जो बरसो पहले

और लिखे थे अफ़साने दिल पे,

बताना चाहता था तुम्हे कबसे !


कि जो कशिश बनके

बरसे थे

वो बारिश नही

मेरे अश्क़ थे !


और जो आसमान से

टूट के गिरा था

वो तारा नही

वो हम थे !


भुला दिया था ज़माने को

और भूल गए थे खुद को

आशिक़ी में तेरी,

जिन नगमों को आज पढ़कर रोती हो

उसे लिखने वाले हमारे गम थे !


आज फिर से बताना चाहता हूँ कि

जो दिल के आखिरी टुकड़ो में कश थे,

उस दिल में तुम्हारे भी

कुछ अंश थे !


क्योंकि जो कशिश बनके

बरसे थे

वो बारिश नही

मेरे अश्क़ थे !


और जो आसमान से

टूट के गिरा था

वो तारा नही

वो हम थे !

Heartbroken Separation Love

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