Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
युग में राम कहे जाते
युग में राम कहे जाते
★★★★★

© Sunil Yadav

Romance

2 Minutes   6.8K    3


Content Ranking

तुम्हारे लिए ही जीवन भर दूजे साथी बनकर रहना था

तुम्हारे लिए ही अनुरागी रागी बनकर पास संवरना था

यूँ तो जीवन तुम्हारे बिना अकेले रहकर गुजार सकता था

पर तुम्हारे बिना भव - सागर को पार नही कर सकता था

गीत ग़ज़ल के शब्दों को तुम्हारे बिना भी गुनगुना तो लेता

पर तुम्हारे बिना जीवन में कोई महफ़िल यूँ न सजा पाता 

रंगों की भरी दुनिया में कैसे हम एक दूजे को पहचान लेते

जो कभी मिलकर एक दूजे को हम जान भी पहचान लेते

जो तुम मुझको छोड़ गए जीवन भर तन्हा कर गए

अकेले भी कैसे मैं यहाँ जी पाता जो तुम सांसों को ले गए 

जीवन भर की बातें जो चेहरे पर हम लिखकर लाये थे

उन्हीं बातों को भी तुम मुश्किल से  यूँ न पढ़ पाये

हम अनुरागी प्रेम को सदा तुम पर बिखराने लाये थे

पर तुम दीवाने किसी के मेरे पास मुस्कुराने भी न आये 

हम दोनो एक दूजे से जीवन भर अलग होने आये थे

पर जीवन भर उसी शोक को एक दूजे संग मनाने आये थे

इस दुनिया में साथ रहकर हम दोनो को अलग मरना था

जीवन भर की प्रेमकथा को इस दुनिया में चर्चित करना था

जीवन भर दोनो आँखों से आंसू ही सिर्फ निकलने आये थे

प्रभू राम के जीवन के वनवास को दोनो दोहराने आये थे

हम वनवासी होते भी तो इस युग में राम कहे भी जाते

पर तुमको सीता होने पर इस दुनिया से बचाने आये थे

जीवन प्रेम अलग अनुरागी

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..