Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
इंदिरा नगर
इंदिरा नगर
★★★★★

© Shailesh Bhaarat

Inspirational Others

2 Minutes   20.4K    5


Content Ranking

इंदिरा नगर 
_______________

चौराहे पर, 
किनारे , चिकन की दुकान के पास, 
आज भर की कमाई के लिए, 
भूख से निढाल 
परिवार की भरपाई के लिए, 
मज़बूर औरतों की भीड़ है , 
सरला ! साधना ! परवीन ! 
कल तू किधर गयी गयी थी ? 
परस्पर पूछने में व्यस्त ।

दूसरी तरफ 
पुलिस चौकी के सामने
रहमान , अख़बार वाला ! 
फ़ोकट में अख़बार देता है , 
सलाम साहब ! रोज कहकर , 
छह से दस 
तब अख़बार बेंच पता है ,

मोड़ से , दस कदम पर
मंच सज रहा है 
पुलिस भीड़ के संतुलन में
इधर उधर डंडे मारते फिर रही है 
हजारों कुर्सियां ! 
तमाम पोस्टर ! 
शायद कोई बड़ा नेता ....." 
चिकन की दुकान वाले मोड़ पर
सात , आठ सर मुंडे लड़के ..... 
बेगारी के लिए पूछते ..... 
चल , रोकड़ा लेगी , 
साली ! डान न करेगी , 
कहा एक ने अकड़कर उनमे से 
नई रे बाबा ! 
मई उत्ता दूर नईं जाती , 
...... दिया उत्तर ,
फूले पेट पर हाथ रखकर 
पायी तमाचा गाल पर 
पीडीए जैसे लाल पर
लुट गयी आन 
पीठ पर उँगलियों के निशान
गिर पड़ी मुंह भले
आई न कोई , थी अकेले , 
सोची , लगूं पत्थर फेंकने , 
लौटकर मार लात से , 
पेट पर , 
उन लड़कों में से एक ने , 
धिक् ! नेता जी का स्वागत हो रहा है .... 

पुलिस मंच को संभाल रही है ।

पुलिस दूकान अखबार

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..