Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
वो रूठे रहे हम मनाते रहे ...
वो रूठे रहे हम मनाते रहे ...
★★★★★

© shobhana shukla dubey 'ritu'

Others

1 Minutes   7.0K    5


Content Ranking

वो रूठे रहे हम मानते रहे बस इसी शौक में दिन ये जाते रहे 

उनकी शिकायतें कभी कम ना हुई हमसे हम बस मोहब्बत की शमा जलाते रहे

वो सितम हमपर हर रोज़ करते रहे हम उनके ही सजदे में ये सिर झुकाते रहे

वो जान जलाते रहे मुस्कुराते रहे, हम उनकी ही यादों की बारिश में खुद को भिगाते रहे

समझ कर खिलौना उन्होंने हमारे दिल से खेला बहुत हम उन्हीं के क़दमों में ये दिल बिछाते रहे

सोचा था यकीं होगा उनको इक दिन तो हमारी चाहत पर, बस यही सोच कर वफ़ा हम उनसे निभाते रहे

वो सब कुछ जानकर अनजान से बनते रहे, हम फिर भी दिल उन्हीं से लगाते रहे

बेरुखी से उनकी हमारी जान पर भी बन आयी, हम खुदा से खैर उन्हीं की मानते रहे

वो रूठे रहे हम मानते रहे बस इसी शौक में दिन ये जाते रहे 

सितम मोहब्बत

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..