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मौन
मौन
★★★★★

© Asha Pandey 'Taslim'

Romance

1 Minutes   6.7K    6


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मौन पढ़ लेते हो न

जब करती हूँ

ढ़ेरो बकबक

उसमें छुपे

एकाकी मन को

कभी तो बैठ पढ़

लो न अब

हाथों में हाथ न

हो तो भी

नहीं चाहिये

अधरों पे अधर

मन प्यासा है

बहुत मेरा 

तुम एहसास

बन जाओ न अब

एहसास एकाकी जीवन

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