Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
गम को दे गोली  ( भाई लोग की कविता )
गम को दे गोली ( भाई लोग की कविता )
★★★★★

© Shaurya Parmar

Comedy

1 Minutes   1.3K    3


Content Ranking

खुशियों की खोली झोली

तो जिंदगी अपुन से बोली

गम को दे गोली...गम को दे गोली।

 

डराया जिसने अपुन को

उसकी खुद की नैय्या डोली

वो गिरकर उठ न पाया

बाद में, अपनी ही सूरत धोली...गम को दे गोली।

 

पंटर लोग के लफड़े में

एक दिन मौत ने बाँहें खोली

अपुन ने कदम क्या रखा

साला, बिखर गई पूरी टोली....गम को दे गोली।

 

आंधी के सामने

जब पूरी दुनिया रो ली

सीना तानकर अपुन ने

रोज मनाई होली...गम को दे गोली।

 

एक ही बार जीना है

बुलाओ आज ढोली

नाचो, गाओ, झूमों आज

जब की सारी दुनिया सो ली...गम को दे गोली।

 

खुशियों की खोली झोली

तो जिंदगी अपुन से बोली

गम को दे गोली...गम को दे गोली।

 

 

 

 

 

 

गम गोली भाई

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..