Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
व्हाट्स अप डीपी
व्हाट्स अप डीपी
★★★★★

© Arpan Kumar

Romance

2 Minutes   7.2K    8


Content Ranking

मैं उससे प्यार करने लगा हूँ 

या इसे यूँ कहना

कुछ ज़्यादा ठीक होगा

कि वह मुझे अच्छी लगने लगी है

मगर उससे यह सब

मैं कह नहीं सकता 

हर चीज़ कहना संभव भी नहीं

वक़्त के अलग अलग सिरों पर

खड़े हैं हम

सोचता हूँ

क्या उसे किसी उलझन में

डालना ज़रूरी है! 

क्या उससे

अपने दिल का भेद खोले बिना

रहा नहीं जा सकता!

अपनी ही धुन में खोए

किसी गुमनाम संगीतकार सा

मैं सिर्फ़ स्वयं को

अपना संयोजन सुनाता हूँ

उससे बेमतलब के चैट

सप्ताह में दो तीन बार तो

हो ही जाते हैं 

बचे दिन बाक़ी

उन संवादों की ख़ुशबू में

हो गिरफ़्तार बीत जाते हैं

क्या समय का यूँ 

सरसराता

और गुनगुनाता

निकल जाना 

प्यार का कोई हासिल नहीं है 

क्या सामनेवाले से

इज़हार कर देना ही सब कुछ है!

आजकल भोर में 

यही कोई चार बजे के आसपास

मेरी नींद टूट जाती है 

बीच-बीच में

पास की पटरी से 

ट्रेन के गुज़रने की आवाज आती है 

मन तो बावरा है 

कहाँ से कहाँ की सोच लेता है 

वह इस ट्रेन में बैठ

मुझसे मिलने आ रही है 

आ रही है क्या!

ओह, नहीं आई।

कोई बात नहीं

अगली में आ जाएगी

मैं भी यहीं हूँ 

पटरियाँ भी यहीं हैं 

और देश में

अभी ट्रेन का चलना 

कोई बंद थोड़े ही न हुआ है!

भोर के

ये बेमतलब और मीठे से ख़याल 

इतना सुकून कैसे देते हैं!     

पूछता हूँ अपने आप से 

प्यार से भला और क्या चाहिए!

 

मैं व्हाट्स अप का

उसका डीपी (डिस्पले पिक्चर)

देखता रहता हूँ

आज उसका हेयर स्टाइल

इस तरह का है

तो कल उसने यह कपड़े पहने थे

परसों एक पार्टी में

उसने ख़ूब डांस किया था

अपने मोबाइल पर

उसकी ये तस्वीरें देखते हुए

मुझे कई बार गुमान होता है

वह किसी रैंप पर

कैट-वॉक कर रही है

पूरी स्पॉट लाइट

उस पर आ जमी है

और मैं

हॉल के एक अँधेरे कोने में बैठा

बस उसे निहार रहा हूँ

मेरे अंदर

उजाले का कोई झरना फूट पड़ता है।

#love

ट्रेन ख़याल दिल

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..