Sonam Kewat

Tragedy


Sonam Kewat

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माँ-बाप और कुत्ते

माँ-बाप और कुत्ते

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जहाँ में कुछ लोग ऐसे भी पाए जाते हैं।

माँ बाप की कद्र नही कर पाते लेकिन,

जानवरों को पालने का शौक जताते है।

स्टाइल के नाम पर वो अक्सर,

माँ बाप के साथ रहने से कतराते है।

कुत्ते के साथ सेल्फी लेकर फिर,

लोगो को नया ट्रेंड बताते हैं।

उन बूढों के लिए वक्त है ही नहीं,

फिर भी कुत्ते को सैर पर ले जाते हैं।

जानवरों के लिए घर में पनाह बनाकर,

माँ बाप को व्रद्धाश्रम में पहुंचाते है।

मशहूर होते है ये कुत्ते भी क्योंकि,

इनमें भरी होती है वाकई वफादारी।

भुला दिया हो गर तुमने तो फिर,

याद करो अपनी असली जिम्मेदारी।

जानवरों को पालना अच्छी बात है,

इस बात से तो कोई हर्ज नहीं है।

पर याद करो जरा बीती बातों को,

क्या माँ बाप का कोई कर्ज नहीं है?





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