Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,

चलो मैं तुम पर एक कविता लिखता हूँ.
चलो मैं तुम पर एक कविता लिखता हूँ.
★★★★★

© Manish Pandey

Comedy

2 Minutes   1.1K    4


Content Ranking

 

 

देखो मैं जानता हूँ कि तुमने

मुझे उदास होते देखा है

जब कभी भी तुम उदास हुई हो

मैंने तुम्हारी आँखों में आंसू भी तैरते देखे है

जब कभी मेरी आँखे

आंसुओ से नहाई है

तो इसे मैं प्यार कह दूँ

नहीं जल्दबाजी होगी ,

तो फिर मैं इसे दोस्ती कह दूँ

नहीं सिर्फ वक़्त की बरबादी होगी

चलो ठीक है..इसे समझते है..इसे जानते है

चलो मैं तुम पर एक कविता लिखता हूँ

तुम कौन हो ?

 

तुम एक जवान होती हसीन लड़की हो

ऐसा तुम्हारे बनते हुए शरीर से लगता है

तुम शहर के साधारण परिवार की एक नाजुक सी लड़की हो

ऐसा तुम्हारे श्रृंगाररहित चेहरे और फीके कपड़ो से लगता है

तुम एक समझदार सी लगने वाली बेवकूफ लड़की हो

ऐसा तुम्हारे सोच समझकर मुस्कुराने की आदत से लगता है....

 

और

और तो तुम में कुछ भी खास नही है

मैं रोज तुम जैसी लड़कियां देखता हूँ

जो हर दिन मरती रहती है जीने के लिए

जो हर दिन घुटती रहती है साँस लेने के लिए

देखो मैं तुम्हारी कहानी नहीं जानता

मगर वो इससे अलग क्या ही रही होगी

 

तुम वो हो जो कभी इस दुनिया में आने से पहले तो कभी आने के बाद मार दी जाती है

तुम वो हो जिसे बराबरी का दर्जा सिर्फ बातों में दिया जाता है

तुम वो हो जिसे कभी भी अपना घर नहीं मिलता

तुम वो हो जिसकी इज्जत अनमोल होकर भी कौड़ियों के भाव बिकती रही है....

 

तुम एक लड़की हो ..एक मजबूर लाचार लड़की

मगर मैं चाहता हूँ कि तुम वो सब न रहो

जो मैंने अपनी इस कविता में बताया है

मैं चाहता हूँ कि तुम खुद पर एक कविता लिखो

जो मेरी कविता जैसी काली मनहूस न हो

 

 

 

औरत प्यार ख्याल समाज

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..