Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
महक
महक
★★★★★

© Anamika Roy

Romance

1 Minutes   6.7K    2


Content Ranking

अरसे बाद हुआ था 
तुमसे मिलना 
आदतन....
तुम भी ले आये थे 
मेरे पसन्दीदा गुलाब  … 
अब की बार .... मैं छोड़ आई थी 
उन गुलाबों को ...उसी बेंच पर 
क्यों की अब की बार का , 
अरसे बाद का मिलना ..
महकाता रहेगा मेरे ज़हन को ...अरसे तक …
मैं इरादतन ही छोड़ आई थी....
उन गुलाबों को वहाँ  ....
के किसी को उन्हें देखकर ही शायद 
याद आ जाये  ...
किसी से मिलने की  
और फिर ऐसे ही जारी रहे…
इस महक का सफर …

 

याद महक गुलाब

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..