Bijjal Maru

Others


Bijjal Maru

Others


हुस्न का इंकलाब

हुस्न का इंकलाब

1 min 294 1 min 294


वो हुस्न भी क्या हुस्न है

जिसकी तारीफ़ कोई इश्क़ ना करे

मैंने ख़ुद से मोहब्बत कर ली।


रिवायत को रुसवा कर दी

अपने ही हुस्न पे जो छेड़ी ग़ज़ल

हंगामा सारे शहर में उठा।


हसीनों में उठा इंकलाब का नारा

इश्क़ की शहादत हो गयी!


Rate this content
Originality
Flow
Language
Cover Design