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Sonia Jha
4 months ago

Very good poem.

4 months ago

Very good poem.


Anonymous
1 year ago

बहुत प्रभावशाली कविता लिखी आप ने

1 year ago

बहुत प्रभावशाली कविता लिखी आप ने


hemant kumar
2 years ago

हार मान जाने को जी नहीं करता, कोशिश कर-कर के ये मन नहीं भरता। अक्सर राहों में ठोकर खा गिरी हूँ,, ये ज़िन्दगी है मेरी पर मैं नहीं हूँ।।----बहुत खूबसुरत और आशावादी पंक्तियां--आप और बेहतर लिख सकती है।

2 years ago

हार मान जाने को जी नहीं करता, कोशिश कर-कर के ये मन नहीं भरता। अक्सर राहों में ठोकर खा गिरी हूँ,, ये ज़िन्दगी है मेरी पर मैं नहीं हूँ।।----बहुत खूबसुरत और आशावादी पंक्तियां--आप और बेहतर लिख सकती है।